रविवार, 30 दिसंबर 2012

गणित



बहुत शातिर है,
चाल बड़ी तेज़ है उसकी....
कितनी भी कोशिश कर लूँ....
उसके कदमों से कदम नहीं मिला पता हूँ...
वह आगे निकाल जाता है, छोड़ के सब कुछ पीछे...
लिखावट महीन है उसकी...
सबके समझ में नहीं आती....
गणित बहुत अच्छा है,
कुछ भी नहीं भूलता, सब याद रखता है,
हर साल मेरे कर्मों का हिसाब
मेरे चेहरे पर दर्ज़ कर, गुजर जाता है वक़्त

2 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

बहुत सही बात कही है आपने .सार्थक भावनात्मक अभिव्यक्ति भारत सरकार को देश व्यवस्थित करना होगा .

rahul ranjan rai ने कहा…

Dhanyavad Shaalini Ji